नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में कभी कुछ भी तय नहीं रहता। जो नेता कभी सदन से बाहर निकाले गए थे, वही अब उसी विधानसभा के स्पीकर बन गए हैं। हम बात कर रहे हैं बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की, जो 2025 के दिल्ली चुनाव में रोहिणी सीट से जीतकर आए और अब विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुके हैं। वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ आज 6 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन मंत्रियों में प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंदर इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह शामिल हैं।
10 साल पहले क्या हुआ था?
साल 2015 में दिल्ली विधानसभा का माहौल बहुत गरम था। ‘आप’ और बीजेपी के बीच टकराव चरम पर था। उस समय, आप विधायक अलका लांबा पर बीजेपी विधायक ओपी शर्मा द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके खिलाफ कार्रवाई की गई। इस मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ। जब उस समय के स्पीकर राम निवास गोयल ने बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता को सदन से बाहर जाने को कहा, तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद, मार्शलों ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर बाहर निकाला। विजेंद्र गुप्ता कुर्सियों और टेबल से चिपकते रहे, लेकिन उन्हें सदन से बाहर कर दिया गया।
अब स्पीकर बनकर लौटे विजेंद्र गुप्ता
समय के साथ परिस्थितियाँ बदल गईं और वही विजेंद्र गुप्ता अब दिल्ली विधानसभा के स्पीकर बन गए हैं। बीजेपी ने 2025 के चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की और पहली बार रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बना दिया। विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “मैं इस जिम्मेदारी के लिए पार्टी का आभारी हूं। सदन में स्वस्थ चर्चा कराने की कोशिश करूंगा।”
AAP के लिए मुश्किलें बढ़ाएंगे?
स्पीकर बनते ही विजेंद्र गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि वह आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। उन्होंने घोषणा की कि वह CAG की 14 लंबित रिपोर्ट सदन में पेश करेंगे, जिनमें कथित तौर पर AAP सरकार की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होगा। उनका आरोप है कि AAP ने इन रिपोर्ट्स को पहले सार्वजनिक नहीं होने दिया।
मुख्यमंत्री बनीं रेखा गुप्ता
दिल्ली को बीजेपी की चौथी मुख्यमंत्री और दूसरी महिला मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता मिली हैं। शालीमार बाग से पहली बार विधायक बनी रेखा गुप्ता को खुद भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि पार्टी उन्हें इतना बड़ा पद देगी। बीजेपी के पूर्व सांसद परवेश वर्मा, जिन्हें अरविंद केजरीवाल को हराकर चर्चा में लाया गया था, को मुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार माना जा रहा था। लेकिन आखिरी समय में परवेश वर्मा ने खुद रेखा गुप्ता का नाम आगे बढ़ाया और वह दिल्ली की मुख्यमंत्री बन गईं।